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🍰 मोहन थाल – जोधपुर की मशहूर मिठाई 🎂
जोधपुर की नक्की पर बनने वाला घी-बेसन का हेवनली स्वाद – मोहन थाल, जिसे खाकर हर कोई मोहित हो जाए!
✍️ Payal, Jaipur | 📅 06 April 2026 | ⏱️ 11 min read
मोहन थाल – सिर्फ नाम सुनकर ही मुँह मीठा हो जाता है। ये जोधपुर की वो मिठाई है जो राजस्थानी खाने की शान है। सच कहूँ तो मैंने पहली बार मोहन थाल जोधपुर के एक पुराने हलवाई से खाया था, तब लगा ये तो बेसन का बादामी हलवा और बर्फी के बीच की कोई चीज़ है। बिल्कुल सही – Mohan Thal एक डेंस, नटी और मेल्ट-इन-माउथ मिठाई है, जिसमें भरपूर देसी घी और सूखे मेवे होते हैं।
घर के बुज़ुर्गों से सीखा था कि ये मिठाई शादी-त्योहार पर बनती है और इसे बनाने में जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए। आज मैं आपको “mohan thal recipe” बता रही हूँ बिल्कुल असली जोधपुरी स्टाइल में। बस तैयार हो जाइए, घर पर रेस्टोरेंट जैसा मोहन थाल बनाने के लिए।
और हाँ, एक बात और – ये रेसिपी थोड़ी patience मांगती है, लेकिन रिजल्ट आपको रोएँ खड़े कर देगा।
📚 Recipe Index
- 📜 Ingredients
- 🔥 Step-by-Step
- ✨ Pro Tips
- ✅ Do’s & Don’ts
- ⚠️ Mistakes to Avoid
- 🍬 Payal ki Special Baatein
- ❓ FAQ
🥣 सामग्री – मोहन थाल के लिए
| Ingredient | Matra (Quantity) |
|---|---|
| बेसन (चना दाल का आटा) – छना हुआ | 1 कप (120 gm) |
| देसी घी (pure ghee) | ½ कप + 2 बड़े चम्मच |
| चीनी (powdered sugar) | 1 कप (200 gm) |
| पानी (for sugar syrup) | ½ कप |
| इलायची पाउडर | 1 छोटी चम्मच |
| बादाम, पिस्ता (कटे हुए) | 2-3 बड़े चम्मच |
| केसर (optional) | चुटकी भर |
| सूखा मेवा – काजू, चिरौंजी | 1 बड़ा चम्मच |
* असली rajasthani mithai recipe के लिए बेसन को अच्छी तरह छान लें और घी कम न करें – यही मोहन थाल का राज़ है।
👩🍳 बनाने की विधि – Step by Step Mohan Thal
- बेसन को छान कर तैयार करें: सबसे पहले बेसन को बारीक छलनी से छान लें ताकि कोई गांठ न रहे।
- घी में बेसन भूनें (सबसे ज़रूरी स्टेप): एक कढ़ाई में ½ कप घी गर्म करें, धीमी आंच पर बेसन डालें और लगातार चलाते हुए सुनहरा भूरा होने तक भूनें। गंध आने लगेगी “घी बेसन की पकी खुशबू” – इसमें करीब 12-15 मिनट लगेंगे। Traditional rajasthani cuisine में इसी को “तड़का लगाना” कहते हैं।
- चाशनी बनाएं: दूसरे बर्तन में चीनी और पानी डालकर एक तार की चाशनी (एक तार की स्थिरता) बनाएं। इसमें इलायची पाउडर और केसर डालें।
- मिश्रण मिलाएं: भुने बेसन में गरम चाशनी धीरे-धीरे डालें और तेजी से चलाएँ। मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा और घी छोड़ने लगेगा।
- मेवा डालें और सेट करें: आखिर में कटे हुए बादाम, पिस्ता, काजू डालें। मिक्स करके घी लगी थाली या ट्रे में फैलाएँ। ऊपर से और मेवे दबा दें।
- ठंडा होने दें और काटें: कमरे के तापमान पर 2-3 घंटे सेट होने दें या फ्रिज में 30 मिनट। फिर चौकोर टुकड़े काट लें।
मैंने पहली बार जब यह बनाया था, चाशनी एकदम सही नहीं बनी थी, थोड़ी रुई सी हो गई थी। लेकिन अब ये ट्रिक आपके पास है – चाशनी का एक तार होना बहुत ज़रूरी है।
💡 पायल के टिप्स – परफेक्ट मोहन थाल के लिए
- ✨ धीमी आंच ही सही आंच है – बेसन भूनते वक्त आंच धीमी रखें, नहीं तो जल जाएगा और कड़वाहट आ जाएगी।
- 🥄 घी निकलना एक अच्छा संकेत है: जब बेसन से घी अलग होने लगे और वह नॉन-स्टिक हो जाए, समझ जाइए भूनना पूरा हुआ।
- 🍯 चाशनी का तार परफेक्ट बनाएँ: एक बूँद चाशनी ठंडे पानी में डालें – अगर वह एक तार की तरह जम जाए तो सही है।
- एक छोटी सी ट्रिक: मोहन थाल को ज्यादा सख्त न बनाने के लिए जैसे ही मिश्रण कड़ाही से छूटने लगे, उतार लें।
- जोधपुर के पुराने हलवाई थोड़ा सा मावा भी मिलाते हैं, लेकिन हमने घर पर बिना मावे का वर्जन बनाया – उतना ही लाजवाब!
✅ Do’s और ❌ Don’ts – Mohan Thal
✅ Do’s (ज़रूर करें)
- बेसन को मीडियम आंच पर भूनें, हिलाते रहें ताकि समान रूप से पके।
- चाशनी और बेसन दोनों गरम होने चाहिए – ठंडी चाशनी डालने से दाने पड़ जाते हैं।
- थाली पर मोहन थाल फैलाते वक्त हल्का सा तेल या घी लगा लें।
❌ Don’ts (भूलकर न करें)
- बेसन को तेज़ आंच पर न भूनें – वरना कच्चा भी रह जाएगा और जल भी जाएगा।
- चाशनी ज्यादा गाढ़ी या ज्यादा पतली न बनाएँ, एक तार वाली परफेक्ट रहती है।
- मेवों को बहुत बारीक न पीसें – बड़े टुकड़े क्रंच देते हैं।
⚠️ Common Mistakes और Smart Solutions
✅ समाधान: थोड़ा और घी डालें और चाशनी को हल्का पतला बनाएँ। साथ ही मिश्रण को जल्दी से फैलाएँ।
✅ हल: भूनने में कम से कम 10-12 मिनट लगाएँ। जब खुशबू आने लगे और रंग गोल्डन हो जाए तभी आगे बढ़ें।
✅ हल: चाशनी बनाते समय बर्तन के किनारों पर चीनी न लगने दें, ब्रश से साफ करें और हिलाएँ नहीं बहुत ज्यादा।
👩🍳 Payal की स्पेशल टिप्स – जोधपुरी मोहन थाल का राज़
“सच कहूँ तो मुझे भी पहली बार में मोहन थाल सही नहीं बना था। मैंने सोचा था की बेसन हलवा जैसा कुछ बनेगा, लेकिन नहीं, ये तो एक परफेक्ट मिठाई है जिसमें धैर्य चाहिए।
मेरी नानी कहती थीं, ‘बेटा, बेसन को घी में तब तक भून जब तक वो तुमसे मुस्कुरा कर न बोले’। मतलब जब वह सुनहरा और महकदार हो जाए। और एक और ट्रिक – चाशनी में थोड़ी सी इलायची और केसर डालोगी तो मिठाई का रंग और अरोमा बहुत अच्छा आता है।
Ghar par restaurant jaisa khana बनाना हो तो मोहन थाल को अच्छे से सेट होने दें और फिर फ्रिज में रखें। ये diwali sweets recipe hindi का भी बेहतरीन विकल्प है। आप भी जरूर ट्राय करो और बताना कैसा बना।”
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल – Mohan Thal Recipe
✨ तो अब बनाइए जोधपुरी मोहन थाल घर पर
तो दोस्तों, ये थी मोहन थाल – जोधपुर की मशहूर मिठाई बनाने की सबसे आसान और ऑथेंटिक रेसिपी। थोड़ा समय लगता है, लेकिन जब आप मेहमानों को खिलाओगे और वो बार-बार मांगेंगे, तो मज़ा आ जाएगा।
बस ध्यान रखें – बेसन को अच्छे से घी में भूनें, चाशनी का सही तार बनाएँ और प्यार से परोसें। Ghar par banane ki vidhi इतनी आसान है कि कोई भी beginner इसे बना सकता है। तो अगली बार कोई मीठा खाने का मन करे तो सोचना मत, सीधे मोहन थाल बनाइए।
अपनी इस रेसिपी को ट्राई करके मुझे जरूर बताएं, और rajasthanikhana.com पर और भी राजस्थानी मिठाइयाँ आपका इंतज़ार कर रही हैं। शुभकामनाएँ और मीठा खाएँ, मीठा बोलें! ❤️
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