
राजस्थानी दाल बाटी चूरमा रेसिपी | घर पर आसान मारवाड़ी स्टाइल विधि – घी वाली बाटी और चूरमा
राजस्थानी दाल बाटी चूरमा बनाने की विधि – पारंपरिक मारवाड़ी स्टाइल में घरेलू रेसिपी। पंचमेल दाल, घी से भुनी बाटी और मीठा चूरमा। जयपुर फूड लवर्स के लिए त्योहार स्पेशल राजस्थानी व्यंजन स्टेप बाय स्टेप।
राजस्थानी दाल बाटी चूरमा बनाने की विधि
Payal, Jaipur की रहने वाली हूं। पारंपरिक राजस्थानी खाने की रेसिपी बनाना मुझे बहुत पसंद है। कई सालों से घर पर ट्रेडिशनल व्यंजन बनाती आ रही हूं और आसान तरीके से authentic स्वाद शेयर करती हूं। ये दाल बाटी चूरमा मेरी दादी की रेसिपी पर बेस्ड है – सिंपल, प्रैक्टिकल और हर बार हिट!
Introduction
सच कहूं तो, जयपुर में रहते हुए राजस्थानी व्यंजन मेरी जिंदगी का हिस्सा हैं। जब भी त्योहार आते हैं या घर में स्पेशल मूड होता है, तो सबसे पहले दाल बाटी चूरमा बनता है। बचपन में दादी चूल्हे पर बाटी सेंकतीं, घी की महक पूरे घर में फैल जाती और हम बच्चे इंतजार में बैठे रहते। राजस्थानी दाल बाटी चूरमा बनाने की विधि घर पर ट्राई करने से लगता है जैसे राजस्थान घर आ गया हो।
ये डिश तीनों का कमाल है – तीखी पंचमेल दाल जो पेट भरती है, घी में डुबी क्रिस्पी बाटी जो बाहर से खस्ता और अंदर से सॉफ्ट, और मीठा चूरमा जो मुंह में घुल जाता है। मारवाड़ी स्टाइल में घी और मसाले का इस्तेमाल खास है – रेगिस्तान के मौसम में एनर्जी देता था। आजकल ओवन या तवे पर बनाना आसान है।
अगर आप पहली बार बना रहे हैं, तो चिंता मत कीजिए – मैं स्टेप बाय स्टेप बताऊंगी, साथ में मेरे किचन के छोटे-छोटे एक्सपीरियंस भी। क्या आपने कभी घर पर ये ट्राई किया है? अगर नहीं, तो आज ही सामग्री इकट्ठी कर लीजिए – स्वाद ऐसा आएगा कि फैमिली बार-बार मांगेगी!
Table of Contents
- राजस्थानी दाल बाटी चूरमा: पारंपरिक व्यंजन का राज
- जरूरी सामग्री – पूरी लिस्ट टेबल में
- राजस्थानी दाल बाटी चूरमा बनाने की विधि स्टेप बाय स्टेप
- घरेलू टिप्स: स्वाद और टेक्सचर को परफेक्ट कैसे बनाएं
- Do’s and Don’ts – ट्रेडिशनल तरीके से बनाएं
- आम गलतियां जो लोग करते हैं और उनका समाधान
- एक्सपर्ट टिप्स: मारवाड़ी स्टाइल का असली जादू
- तैयारी, पकाने और सर्विंग डिटेल्स

Featured Snippet Answer
राजस्थानी दाल बाटी चूरमा बनाने की विधि: पंचमेल दाल (चना, मूंग, तूर, मसूर, उड़द) को मसालों के साथ प्रेशर में पकाएं, गेहूं आटे से सख्त बाटी गूंथकर ओवन/तवे पर भूनें, क्रश करके घी-गुड़ में चूरमा बनाएं। गरम घी डालकर मिक्स सर्व करें। 4-5 लोगों के लिए 80-90 मिनट में तैयार। (52 शब्द)
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सीधे रेसिपी पर जाना चाहते हैं? यहां क्विक सारांश:
सामग्री सारांश (4-5 सर्विंग्स):
- पंचमेल दाल: कुल 1 कप (बराबर मिक्स 5 दालें) + प्याज, टमाटर, मसाले
- बाटी: 2 कप गेहूं आटा + घी, दही, सोडा
- चूरमा: भुनी बाटी + गुड़, घी, इलायची, ड्राई फ्रूट्स
कुकिंग स्टेप्स ओवरव्यू
- दाल भिगोकर पकाएं और तड़का लगाएं
- सख्त आटा गूंथकर बाटी बनाएं और भूनें
- बाटी क्रश कर घी-गुड़ में चूरमा तैयार करें
- प्लेट में दाल-बाटी-चूरमा मिक्स करके घी डालें
राजस्थानी दाल बाटी चूरमा: पारंपरिक व्यंजन का राज
राजस्थान का ये व्यंजन सदियों पुराना है। रेगिस्तान में पानी और ईंधन कम होने की वजह से ये डिश स्टोरेबल और एनर्जी से भरपूर बनी। मारवाड़ी घरों में घी-मसाले का इस्तेमाल ज्यादा होता है – पुराने समय में योद्धा सफर पर ले जाते थे। जयपुर फूड में ये टॉप पर है, क्योंकि मीठा-नमकीन का कॉम्बिनेशन अनोखा है।
मेरी दादी कहती थीं, “बाटी को घी में डुबोकर खाओ तो ताकत आती है।” आज त्योहारों का खाना बन गया है – तीज, गणगौर, दीवाली सबमें मुख्य डिश।
जरूरी सामग्री – पूरी लिस्ट टेबल में
| सामग्री | मात्रा (4-5 सर्विंग्स) | वैकल्पिक / नोट |
|---|---|---|
| पंचमेल दाल | ||
| चना दाल | ¼ कप | भिगोएं |
| मूंग दाल | ¼ कप | छिलके वाली बेहतर |
| तूर/अरहर दाल | ¼ कप | |
| मसूर दाल | 2 टेबलस्पून | |
| उड़द दाल | 2 टेबलस्पून | कुल 1 कप दालें |
| प्याज | 2 मध्यम | बारीक कटा |
| टमाटर | 3 मध्यम | |
| लहसुन-अदरक पेस्ट | 1½ टेबलस्पून | ताजा ग्राइंड |
| जीरा, हींग | 1 टीस्पून जीरा + चुटकी हींग | |
| हल्दी, धनिया, लाल मिर्च | ½-1 टीस्पून प्रत्येक | तीखापन चखकर |
| बाटी | ||
| गेहूं का आटा | 2 कप | साबुत आटा यूज करें |
| घी | ½ कप (मोयन + डुबोने) | देसी घी जरूरी |
| दही | ½ कप | खट्टा हो तो अच्छा |
| बेकिंग सोडा | ¼ टीस्पून | फूलने के लिए |
| अजवाइन | ½ टीस्पून | फ्लेवर के लिए |
| चूरमा | ||
| गुड़ (कद्दूकस) | ¾-1 कप | मीठापन चखकर ऐड |
| घी | 4 टेबलस्पून | |
| इलायची पाउडर | ½ टीस्पून | |
| बादाम-काजू-किशमिश | ¼ कप कटे हुए | क्रंच बढ़ाने के लिए |
(प्रति सर्विंग लगभग 650-750 कैलोरी – घी पर निर्भर)
राजस्थानी दाल बाटी चूरमा बनाने की विधि स्टेप बाय स्टेप
दाल तैयार करें
दालों को मिलाकर 3-4 घंटे भिगो लें। प्रेशर कुकर में 4 कप पानी, हल्दी, नमक डालकर 4-5 सीटी लगाएं। अलग कढ़ाई में घी गर्म करें, जीरा-हींग डालें। प्याज भूरा होने तक भूनें। लहसुन-अदरक, टमाटर, मसाले ऐड करें। पकी दाल मिलाकर 8-10 मिनट उबालें। आखिर में धनिया और नींबू डालें।
बाटी का आटा गूंथें
आटे में नमक, सोडा, अजवाइन, घी और दही मिलाकर क्रम्बल बनाएं। पानी से सख्त आटा गूंथें। 20 मिनट ढककर रखें।
बाटी भूनें
आटे से नींबू साइज गोले बनाएं, बीच में क्रॉस कट या गड्ढा करें।
- ओवन में: 200°C पर 20-25 मिनट बेक (बीच में पलटें)
- तवे पर: ढककर धीमी आंच पर 15-20 मिनट हर तरफ गरम बाटी को पिघले घी में 3-4 मिनट डुबोएं – ये सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है!
चूरमा बनाएं
ठंडी बाटी को हाथ से या मिक्सर में दरदरा क्रश करें। घी में भूनें। गुड़, इलायची, नट्स मिलाकर 4-5 मिनट पकाएं।
सर्विंग
प्लेट में दाल डालें → 1-2 बाटी तोड़कर रखें → चूरमा ऊपर → ढेर सारा घी डालकर गरमागरम सर्व करें।
घरेलू टिप्स: स्वाद और टेक्सचर को परफेक्ट कैसे बनाएं
- बाटी सख्त आटा से बनाएं – ज्यादा पानी से खस्ता नहीं बनेगी।
- घी उदारता से डालें – राजस्थानी स्वाद घी से आता है।
- दाल गाढ़ी रखें, ज्यादा पतली न होने दें।
- चूरमा में गुड़ थोड़ा-थोड़ा ऐड करें और चखते जाएं।
- एक छोटा सा टिप: बाटी भूनते समय ओवन में थोड़ा स्मोक देने के लिए लकड़ी का छोटा टुकड़ा रखें – घर में चूल्हे जैसा अरोमा आएगा।
Do’s and Don’ts
Do’s
- देसी घी यूज करें – स्वाद दोगुना हो जाता है
- धीमी आंच पर सब पकाएं – फ्लेवर अच्छे से निकलता है
- बाटी गरम घी में अच्छे से डुबोएं
Don’ts
- आटा नरम न गूंथें – बाटी फूलती नहीं
- दाल overcook न करें – दाने अलग रहने चाहिए
- मसाले बहुत ज्यादा न डालें – बैलेंस खराब हो जाता है
आम गलतियां जो लोग करते हैं और उनका समाधान
- बाटी अंदर से कच्ची रह जाती है → आंच तेज न रखें, समय दें और बीच में चेक करें।
- चूरमा ज्यादा मीठा हो जाता है → गुड़ पहले चखकर डालें, हर ब्रांड अलग होता है।
- दाल फीकी लगती है → तड़के में घी ज्यादा और सौंठ पाउडर थोड़ा ऐड करें।
- बाटी फूलती नहीं → सोडा सही मात्रा में और आटा ज्यादा गीला न रखें।
एक्सपर्ट टिप्स: मारवाड़ी स्टाइल का असली जादू
मारवाड़ी घरों में दाल में सौंठ (सोंठ) पाउडर जरूर डालते हैं – डाइजेशन अच्छा होता है और स्वाद गहरा। चूरमे में थोड़ा सूखा नारियल कद्दूकस मिलाएं – क्रंच और स्वाद दोनों बढ़ता है। बाटी को असली चूल्हे जैसा फ्लेवर देने के लिए ओवन में स्मोक चिप्स या छोटा कोयला यूज करें।
अगर आपको यह रेसिपी पसंद आई तो हमारी राजस्थानी लाल मस दाल रेसिपी भी ट्राई करें – त्योहारों के लिए शानदार!
तैयारी, पकाने और सर्विंग डिटेल्स
| विवरण | समय/मात्रा |
|---|---|
| तैयारी समय | 30-35 मिनट |
| पकाने का समय | 50-60 मिनट |
| कुल समय | 80-90 मिनट |
| सर्विंग | 4-5 लोग |
Image Suggestions (Pinterest Friendly – Vertical, Bright, Clear Plating)
- Image Idea: तैयार थाली में दाल, घी डुबी बाटी और चूरमा – क्लोजअप शॉट। ALT Text: ट्रेडिशनल होममेड राजस्थानी दाल बाटी चूरमा – मारवाड़ी स्टाइल में घी से सर्व
- Image Idea: गरम घी में डुबी क्रिस्पी बाटी का टेक्सचर। ALT Text: राजस्थानी दाल बाटी चूरमा बनाने की विधि – घी वाली खस्ता बाटी क्लोजअप
- Image Idea: मीठा चूरमा प्लेट में नट्स और इलायची के साथ। ALT Text: ऑथेंटिक चूरमा रेसिपी – पारंपरिक राजस्थानी त्योहारों का मीठा व्यंजन
- Image Idea: फैमिली स्टाइल थाली सर्विंग – रंग-बिरंगी प्लेट्स में। ALT Text: जयपुर फूड: घरेलू राजस्थानी दाल बाटी चूरमा थाली – त्योहार स्पेशल
FAQs
- राजस्थानी दाल बाटी चूरमा बनाने की विधि में बिना ओवन के कैसे बनाएं? तवे या कढ़ाई में ढककर धीमी आंच पर 15-20 मिनट हर साइड सेंकें – अच्छे से चेक करते रहें।
- पंचमेल दाल में कौन-कौन सी दालें डालें? चना, मूंग, तूर, मसूर और उड़द – बराबर मात्रा में, ये असली स्वाद देती हैं।
- चूरमा कितने दिन तक स्टोर कर सकते हैं? एयरटाइट डिब्बे में 7-10 दिन – लेकिन ताजा बनाकर खाना सबसे अच्छा।
- बाटी सॉफ्ट और अंदर से पकी कैसे आए? दही ज्यादा डालें और गरम घी में लंबे समय तक डुबोएं।
- घी कम करके हेल्दी वर्जन कैसे बनाएं? घी आधा करें, लेकिन स्वाद थोड़ा कम होगा – बैलेंस रखें।
- दाल बहुत पतली हो गई तो क्या करें? ज्यादा उबालकर गाढ़ा करें या थोड़ा मैश कर लें।
Conclusion
राजस्थानी दाल बाटी चूरमा बनाने की विधि अब आपके पास है – पंचमेल दाल की तीखापन, घी वाली बाटी की खस्तापन और चूरमे की मिठास मिलकर कमाल करती है। ये सिर्फ खाना नहीं, राजस्थान की संस्कृति और घरेलू प्यार का स्वाद है। घर पर ट्राई करें, फैमिली को सरप्राइज दें – पहली बार थोड़ा समय लगेगा लेकिन प्रैक्टिस से हाथ सेट हो जाएगा।
घी की खुशबू फैलते ही सबकी तारीफें मिलेंगी। कमेंट में बताएं आपने बनाया या नहीं, और क्या टिप काम आई। खुश रहें, स्वादिष्ट खाएं और राजस्थानी अंदाज में जिंदगी जीएं!